
भारतीय अंतरराष्ट्रीय छात्रों के साथ न्यूजीलैंड जाने वाले माता-पिता और कानूनी अभिभावकों के लिए जल्द ही वीजा प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल हो जाएगी। इमिग्रेशन न्यूजीलैंड ने पुष्टि की है कि 3 नवंबर 2025 से सभी गार्जियन विजिटर वीजा आवेदन केवल इसके उन्नत इमिग्रेशन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही किए जाएंगे। यह घोषणा अक्टूबर में की गई थी, लेकिन 3 नवंबर से यह नियम लागू होगा।
यह डिजिटल बदलाव गार्जियन वीजा प्रक्रिया को छात्र वर्क वीजा और मान्यता प्राप्त नियोक्ता वर्क वीजा के समान ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ता है, जो पिछले साल ऑनलाइन हो गए थे। मुख्य विशेषताओं में रियल-टाइम दस्तावेज़ अपलोड, बायोमेट्रिक ट्रैकिंग और एकीकृत मेडिकल-इंश्योरेंस सत्यापन शामिल हैं। प्रोसेसिंग फीस NZD 190 ही रहेगी, लेकिन आवेदकों को कूरियर खर्च बचाने के साथ-साथ आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक करने की सुविधा मिलेगी।
भारतीय एजेंटों के लिए यह बदलाव समूह में आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाएगा, खासकर उन 18 वर्ष से कम उम्र के बोर्डिंग छात्रों के अभिभावकों के लिए जो लंबी अवधि के लिए रुकना चाहते हैं। विश्वविद्यालयों को उम्मीद है कि अब गार्जियन सात VFS केंद्रों पर बायोमेट्रिक्स जमा कर सकेंगे, जिससे पासपोर्ट दिल्ली भेजने की जरूरत खत्म हो जाएगी और सेमेस्टर की शुरुआत में देरी कम होगी।
इमिग्रेशन वकील सलाह देते हैं कि पोर्टल 30 दिनों के बाद अधूरे आवेदन लॉक कर देता है, इसलिए परिवारों को पुलिस क्लियरेंस, वित्तीय प्रमाण (रहने के लिए प्रति माह NZD 1,000) और आगे की टिकट पहले से तैयार रखनी चाहिए।
न्यूजीलैंड में 2024 में लगभग 20,000 भारतीय छात्र थे; जिनमें से करीब 3,500 गार्जियन विजिटर वीजा के लिए आवेदन कर चुके हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि इस ऑनलाइन नियम से इस बार औसत प्रोसेसिंग समय में पांच दिन की बचत होगी।
यह डिजिटल बदलाव गार्जियन वीजा प्रक्रिया को छात्र वर्क वीजा और मान्यता प्राप्त नियोक्ता वर्क वीजा के समान ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ता है, जो पिछले साल ऑनलाइन हो गए थे। मुख्य विशेषताओं में रियल-टाइम दस्तावेज़ अपलोड, बायोमेट्रिक ट्रैकिंग और एकीकृत मेडिकल-इंश्योरेंस सत्यापन शामिल हैं। प्रोसेसिंग फीस NZD 190 ही रहेगी, लेकिन आवेदकों को कूरियर खर्च बचाने के साथ-साथ आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक करने की सुविधा मिलेगी।
भारतीय एजेंटों के लिए यह बदलाव समूह में आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाएगा, खासकर उन 18 वर्ष से कम उम्र के बोर्डिंग छात्रों के अभिभावकों के लिए जो लंबी अवधि के लिए रुकना चाहते हैं। विश्वविद्यालयों को उम्मीद है कि अब गार्जियन सात VFS केंद्रों पर बायोमेट्रिक्स जमा कर सकेंगे, जिससे पासपोर्ट दिल्ली भेजने की जरूरत खत्म हो जाएगी और सेमेस्टर की शुरुआत में देरी कम होगी।
इमिग्रेशन वकील सलाह देते हैं कि पोर्टल 30 दिनों के बाद अधूरे आवेदन लॉक कर देता है, इसलिए परिवारों को पुलिस क्लियरेंस, वित्तीय प्रमाण (रहने के लिए प्रति माह NZD 1,000) और आगे की टिकट पहले से तैयार रखनी चाहिए।
न्यूजीलैंड में 2024 में लगभग 20,000 भारतीय छात्र थे; जिनमें से करीब 3,500 गार्जियन विजिटर वीजा के लिए आवेदन कर चुके हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि इस ऑनलाइन नियम से इस बार औसत प्रोसेसिंग समय में पांच दिन की बचत होगी।
स्रोत: The Economic Times