
पहचान अभियान के तहत, हरियाणा पुलिस ने 16 जून को गुरुग्राम में काम कर रहे 13 बांग्लादेशी मजदूरों को गिरफ्तार किया, जो वैध यात्रा या निवास दस्तावेज प्रस्तुत करने में असफल रहे। डिप्टी पुलिस कमिश्नर हितेश यादव के अनुसार, एक गिरफ्तार व्यक्ति ने स्वीकार किया कि वह तस्करी एजेंटों की मदद से पश्चिम बंगाल के कालीआगंज सीमा से भारत में गुप्त रूप से प्रवेश किया था। इन प्रवासियों को स्थानीय हिरासत केंद्र में रखा जाएगा, जबकि अधिकारियों द्वारा बांग्लादेश उच्चायोग के साथ पहचान सत्यापित कर Deportation की व्यवस्था की जाएगी। यह कार्रवाई गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद हुई है, जिसमें राज्यों को अनधिकृत विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें हटाने के लिए कहा गया है, ताकि आगामी राष्ट्रीय जनसंख्या पंजीकरण अपडेट से पहले साफ-सफाई हो सके। वैश्विक गतिशीलता टीमों के लिए यह घटना गुरुग्राम, नोएडा और बेंगलुरु जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में पहचान दस्तावेजों की कड़ी जांच का संकेत है, जहां बड़ी संख्या में विदेशी मजदूर और घरेलू सहायकों का निवास है। नियोक्ताओं और आवासीय सोसाइटियों को किरायेदार और कर्मचारियों की पुलिस जांच पूरी करने और पासपोर्ट, वीजा तथा FRRO पंजीकरण की प्रतियां रखने की सलाह दी गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि बिना दस्तावेज़ वाले विदेशी व्यक्तियों को आश्रय देने वाले मकान मालिकों या ठेकेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रवासी परिवारों का समर्थन करने वाली रिलोकेशन कंपनियों को भी घरेलू स्टाफ की समय पर पृष्ठभूमि जांच सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि जिम्मेदारी से बचा जा सके।
स्रोत: Hindustan Times