
कॉर्पोरेट सप्लाई-चेन टीमों के लिए नई चुनौतियाँ सामने आई हैं, क्योंकि व्हाइट हाउस ने "कस्टम्स प्रवर्तन को मजबूत करना" शीर्षक से एक कार्यकारी आदेश जारी किया है। यह आदेश 3 जून को हस्ताक्षरित हुआ था, लेकिन कल प्रकाशित विस्तृत कानूनी विश्लेषणों में बताया गया है कि CBP को 90 दिनों के भीतर व्यापक बदलाव लागू करने होंगे। मुख्य प्रावधानों के तहत हर आयातक (Importer of Record - IOR) को न्यूनतम अमेरिकी संपत्ति रखनी होगी, निरंतर बॉन्ड कवरेज बढ़ानी होगी, और माल क्लीयरेंस से पहले विस्तृत स्वामित्व और मात्रा की जानकारी देनी होगी। विदेशी IOR अब US$2,500 से कम मूल्य के शिपमेंट के लिए अनौपचारिक प्रविष्टियों का लाभ नहीं उठा पाएंगे, जिससे कम मूल्य के ड्यूटी चोरी के मामलों को रोकने का प्रयास होगा। EO CBP को आयातकों, कस्टम्स ब्रोकरों, फ्रेट फॉरवर्डरों और बॉन्डेड वेयरहाउस ऑपरेटरों की "अच्छी स्थिति" के तहत कड़ी जांच करने का निर्देश देता है, जिससे जोखिम आधारित श्रेणियाँ बनेंगी जो शिपमेंट रिलीज़ समय को प्रभावित कर सकती हैं। नए मानकों को पूरा न करने वाली कंपनियों को आयात से निलंबित किया जा सकता है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए जो उपकरण या घरेलू सामान अमेरिका ला रही हैं, इसका मतलब है अधिक बॉन्ड लागत, अधिक कागजी कार्रवाई, और यदि ब्रोकर CTPAT-मान्य नहीं हैं तो संभावित देरी। मोबिलिटी मैनेजर्स को अब ही लॉजिस्टिक्स प्रदाताओं से संपर्क कर बॉन्ड की पर्याप्तता जांचनी चाहिए और नई कॉर्पोरेट जानकारी इकट्ठा करनी चाहिए। तकनीकी निवेश भी महत्वपूर्ण होंगे: EO में ब्लॉकचेन जैसी ट्रेसबिलिटी टूल्स और उन्नत विश्लेषण की बात की गई है जो कम मूल्यांकन की योजनाओं को पकड़ेंगे। जो कंपनियां चालान डिजिटाइज करेंगी और पूरी आपूर्ति श्रृंखला की पारदर्शिता बनाए रखेंगी, वे कड़ी पूर्व-आगमन जांच में सफल रहेंगी। अनुपालन टीमें फेडरल रजिस्टर पर नजर रखें ताकि आने वाले CBP नियमों को समझा जा सके जो इस EO के निर्देशों को लागू करेंगे।
स्रोत: JD Supra / Wiley Rein LLP