
7 मार्च की मध्यरात्रि को भारत के एक सप्ताह तक चलने वाले बिना शुल्क वाले वीजा विस्तार कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसे पश्चिम एशियाई हवाई क्षेत्र से गुजरने वाली उड़ानों के रद्द होने के बाद शुरू किया गया था। गृह मंत्रालय के निर्देश के तहत विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालयों (FRROs) को 28 फरवरी से 7 मार्च के बीच समाप्त होने वाले पर्यटक, व्यवसाय, चिकित्सा और ई-पर्यटक वीजा धारकों को बिना किसी शुल्क के विस्तार देने का आदेश दिया गया था। टाइम्स ऑफ वीजा द्वारा देखे गए आंतरिक FRRO आंकड़ों के अनुसार, 9,400 से अधिक विदेशी नागरिकों—जिनमें लगभग 40 प्रतिशत ब्रिटिश, जर्मन या सिंगापुर के व्यवसायिक आगंतुक थे—ने इस छूट का लाभ उठाया। सामान्यतः, वीजा अवधि समाप्त होने के बाद रुकने पर ₹100 से ₹300 प्रति दिन का जुर्माना और नोटिस जारी किए जाते हैं, जो भविष्य के वीजा आवेदन को जटिल बना सकते हैं। मंत्रालय ने इस छूट को ‘‘मानवीय कदम’’ बताया, जो असाधारण परिस्थितियों को दर्शाता है, लेकिन इसका व्यावहारिक उद्देश्य भी था: उड़ानें पुनः शुरू होने पर हवाई अड्डे पर भीड़ कम करने के लिए प्रस्थान प्रक्रियाओं को तेज करना। यदि व्यवधान मार्च के मध्य तक जारी रहता है, तो आव्रजन ब्यूरो आगे की छूटों की समीक्षा करेगा। भारतीय होस्ट कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे सुनिश्चित करें कि सभी विदेशी कर्मचारी अब वैध वापसी टिकट रखते हैं। भविष्य में आपातकालीन यात्रा नीतियां अधिक लक्षित हो सकती हैं—संभवतः केवल उन यात्रियों के लिए जिनका मार्ग निर्दिष्ट नो-फ्लाई ज़ोन से गुजरता हो—इसलिए मानव संसाधन टीमों को किसी भी रद्दीकरण के दस्तावेजी प्रमाण सुरक्षित रखने चाहिए ताकि पुनः संघर्ष की स्थिति में उनका उपयोग किया जा सके।
स्रोत: Times of Visa