
संयुक्त अरब अमीरात में सबसे बड़ी विदेशी समुदाय, हजारों भारतीय प्रवासी इस सप्ताहांत अबू धाबी में भारतीय दूतावास और दुबई में भारतीय महावाणिज्य दूतावास (CGI) के बाहर उमड़ पड़े, जब 30 जून को आउटसोर्स्ड पासपोर्ट केंद्र अचानक बंद हो गए। दिल्ली उच्च न्यायालय की चुनौती के कारण नए प्रदाता अलहिंद टूर एंड ट्रैवल्स को अनुबंध सौंपने में देरी हुई, जिससे मिशन को आवेदन इन-हाउस वॉक-इन आधार पर संभालने पड़े। खलीज टाइम्स के रिपोर्टर्स ने शुक्रवार, 4 जुलाई को CGI के बाहर 1,400 से अधिक आवेदकों की कतार देखी।
क्या बदला है:
• केवल वॉक-इन, सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक, सोमवार से शनिवार।
• नकद भुगतान—कार्ड मशीनें बंद हैं।
• संशोधित पासपोर्ट शुल्क (2012 के बाद पहली बार वृद्धि): 36-पृष्ठ की सामान्य बुकलेट के लिए 450 दिरहम, तत्काल के लिए 900 दिरहम; 60-पृष्ठ के पासपोर्ट के लिए 630/1,080 दिरहम।
अस्थायी उपाय:
दबाव कम करने के लिए मिशन ने शारजाह (4-5 जुलाई) और फुजैरा (5 जुलाई) में पॉप-अप सत्यापन डेस्क लगाए और छाया टेंट, टोकन सिस्टम और स्तनपान क्षेत्र बनाए। सप्ताहांत की भीड़ के लिए सभी सात अमीरात के कांसुलर स्टाफ को दुबई में तैनात किया गया। 800 INDIA हॉटलाइन और नया व्हाट्सएप नंबर (+971 54 309 0571) चौबीसों घंटे सवालों का जवाब दे रहे हैं।
महत्व क्यों:
• आवागमन कार्यक्रम प्रभावित—जुलाई में भारतीय कर्मचारियों की यात्रा योजना बनाने वाले नियोक्ताओं को मैनुअल प्रक्रिया के कारण दो सप्ताह तक देरी का सामना करना पड़ सकता है।
• वीजा स्टैम्पिंग: कई गंतव्य छह महीने की पासपोर्ट वैधता मांगते हैं; 2026 में समाप्त होने वाले दस्तावेज़ वाले कर्मचारी परियोजना की शुरुआत से चूक सकते हैं।
• आश्रित: स्कूल की छुट्टियों के लिए घर लौटने वाले परिवारों को आपातकालीन प्रमाणपत्र की आवश्यकता हो सकती है।
आगे की राह:
अलहिंद का कहना है कि यूएई में 16 नए भारतीय कांसुलर आवेदन केंद्र तैयार हैं, लेकिन संचालन शुरू करने से पहले कानूनी रोक हटनी जरूरी है। कंपनियों को दूतावास के चैनलों पर नजर रखनी चाहिए और अगस्त की यात्रा योजनाओं में वैकल्पिक समयसीमा शामिल करनी चाहिए।
क्या बदला है:
• केवल वॉक-इन, सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक, सोमवार से शनिवार।
• नकद भुगतान—कार्ड मशीनें बंद हैं।
• संशोधित पासपोर्ट शुल्क (2012 के बाद पहली बार वृद्धि): 36-पृष्ठ की सामान्य बुकलेट के लिए 450 दिरहम, तत्काल के लिए 900 दिरहम; 60-पृष्ठ के पासपोर्ट के लिए 630/1,080 दिरहम।
अस्थायी उपाय:
दबाव कम करने के लिए मिशन ने शारजाह (4-5 जुलाई) और फुजैरा (5 जुलाई) में पॉप-अप सत्यापन डेस्क लगाए और छाया टेंट, टोकन सिस्टम और स्तनपान क्षेत्र बनाए। सप्ताहांत की भीड़ के लिए सभी सात अमीरात के कांसुलर स्टाफ को दुबई में तैनात किया गया। 800 INDIA हॉटलाइन और नया व्हाट्सएप नंबर (+971 54 309 0571) चौबीसों घंटे सवालों का जवाब दे रहे हैं।
महत्व क्यों:
• आवागमन कार्यक्रम प्रभावित—जुलाई में भारतीय कर्मचारियों की यात्रा योजना बनाने वाले नियोक्ताओं को मैनुअल प्रक्रिया के कारण दो सप्ताह तक देरी का सामना करना पड़ सकता है।
• वीजा स्टैम्पिंग: कई गंतव्य छह महीने की पासपोर्ट वैधता मांगते हैं; 2026 में समाप्त होने वाले दस्तावेज़ वाले कर्मचारी परियोजना की शुरुआत से चूक सकते हैं।
• आश्रित: स्कूल की छुट्टियों के लिए घर लौटने वाले परिवारों को आपातकालीन प्रमाणपत्र की आवश्यकता हो सकती है।
आगे की राह:
अलहिंद का कहना है कि यूएई में 16 नए भारतीय कांसुलर आवेदन केंद्र तैयार हैं, लेकिन संचालन शुरू करने से पहले कानूनी रोक हटनी जरूरी है। कंपनियों को दूतावास के चैनलों पर नजर रखनी चाहिए और अगस्त की यात्रा योजनाओं में वैकल्पिक समयसीमा शामिल करनी चाहिए।
स्रोत: Khaleej Times