
विशेषज्ञ मोबिलिटी प्रकाशन TerraTern की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन – ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP) पायलट चरण से दूसरे चरण में पहुंच गया है। इस महीने मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, कोचीन और अहमदाबाद हवाई अड्डों पर हार्डवेयर इंस्टॉलेशन शुरू हो गया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय का लक्ष्य मार्च 2027 तक 20 हवाई अड्डों को इस प्रणाली से जोड़ना है। 2024 में दिल्ली-IGI हवाई अड्डे पर लॉन्च हुआ FTI-TTP, ‘कम जोखिम’ वाले भारतीय पासपोर्ट धारकों और OCI कार्डधारकों को पहले से बायोमेट्रिक्स जमा कर पांच साल की मंजूरी देता है। मंत्रालय के अनुमान के अनुसार, नए चरण में सालाना लगभग 1 करोड़ यात्रियों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। दूसरे चरण की योजना में अमेरिका के ग्लोबल एंट्री और सिंगापुर के e-IACS प्रोग्राम के साथ पारस्परिक समझौते भी प्रस्तावित हैं, जिससे भारतीय व्यापारिक यात्रियों को विदेश में स्वचालित प्रवेश मिल सकेगा। अधिकारियों ने TerraTern को बताया कि समझौता ज्ञापनों का मसौदा “अत्यंत उन्नत चरण में” है। कॉर्पोरेट ट्रैवल मैनेजरों को बार-बार यात्रा करने वाले कर्मचारियों को नामांकन के लिए चिन्हित करना शुरू कर देना चाहिए; अब प्रायोजन पत्र की जरूरत नहीं है और ₹2,000 की फीस को वैध व्यावसायिक यात्रा खर्च के रूप में दावा किया जा सकता है। विशेष रूप से आईटी सेवा कंपनियों जैसे क्षेत्रीय कनेक्शन वाले व्यवसायों को इससे सबसे अधिक लाभ होगा।
स्रोत: TerraTern