
सैन फ्रांसिस्को में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने 18 जुलाई को एक ‘महत्वपूर्ण सलाह’ जारी की है, जिसमें दर्जनों नकली वेबसाइटों जैसे “e-touristvisaindia.com” और “india-visa-gov.in” का उल्लेख किया गया है, जो आवेदकों का डेटा चुरा रही हैं और भारत के ई-वीजा के लिए अत्यधिक शुल्क वसूल रही हैं। मिशन ने दोहराया कि केवल आधिकारिक पोर्टल indianvisaonline.gov.in ही वैध है। सलाह के अनुसार, मई से फिशिंग साइटों की संख्या तीन गुना बढ़ गई है, जिसमें धोखेबाज सरकार के रंग और क्यूआर कोड की नकल कर रहे हैं। पीड़ितों को पहचान की चोरी का खतरा रहता है और कुछ मामलों में आगमन से इनकार भी हो सकता है क्योंकि ये नकली साइटें भारत के आव्रजन विभाग को डेटा नहीं भेजतीं। कॉर्पोरेट यात्रा टीमों को अपने इंट्रानेट वीजा गाइड अपडेट करने चाहिए और यात्रियों को आधिकारिक वेबसाइट को बुकमार्क करने के निर्देश देने चाहिए। भुगतान लॉग्स में अनजान ई-वीजा शुल्क की जांच करनी चाहिए; एक बार पैसा विदेशी प्रोसेसर के माध्यम से जाने के बाद रिफंड मिलना मुश्किल होता है। सलाह में यह भी स्पष्ट किया गया है कि न तो दूतावास और न ही VFS ग्लोबल मध्यस्थ केंद्रों का ई-वीजा प्रक्रिया में कोई हिस्सा है—आवेदन सीधे नई दिल्ली को जाते हैं—इसलिए यात्रियों को भारतीय दूतावासों के पास खुद को “प्रोसेसिंग एजेंट” बताने वाले किसी भी व्यक्ति को भुगतान नहीं करना चाहिए।