
सीमा सुरक्षा एजेंसियों ने 22 जुलाई की रात नेपाल से उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे 32 वर्षीय अमेरिकी नागरिक और कथित अलगाववादी समूह वारिस पंजाब दे के सहयोगी को गिरफ्तार किया। साथ ही चार अन्य साथियों और नकली भारतीय पहचान पत्र भी जब्त किए गए। टाइम्स ऑफ इंडिया की 24 जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार, सशस्त्र सीमा बल और राज्य पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर भारतीय सीमा के 40 मीटर अंदर दो वाहनों को रोका। अधिकारियों को एक अमेरिकी पासपोर्ट, कई अमेरिकी क्रेडिट कार्ड, 900 अमेरिकी डॉलर नकद और नकली आधार व पैन कार्ड मिले, जो आमतौर पर भगोड़ों द्वारा भारतीय सिम कार्ड और बैंक खाते खोलने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। ये गिरफ्तारी खालिस्तान समर्थकों की गतिशीलता पर बढ़ती निगरानी के बीच हुई है, खासकर पिछले साल कनाडा के साथ कूटनीतिक विवाद के बाद। भारत के नए भारतीय न्याय संहिता के तहत नकली दस्तावेजों के साथ अवैध प्रवेश पर आठ साल तक की सजा हो सकती है। अधिकारियों ने अतिरिक्त आव्रजन नियमों को भी लागू किया है, जिससे तेज़ी से मुकदमा चलाने का इरादा जाहिर होता है। कॉर्पोरेट सुरक्षा टीमों के लिए यह घटना सीमा जांचों के कड़े होने का संकेत है, जिससे नेपाल सीमा पर क्रॉस-बॉर्डर ट्रकिंग में कुछ दिनों तक देरी हो सकती है। लॉजिस्टिक्स प्रबंधकों को अतिरिक्त क्लीयरेंस समय रखना चाहिए और सशस्त्र सीमा बल की सलाहों पर नजर रखनी चाहिए।
स्रोत: The Times of India