
सीमा सुरक्षा बल के नादोद्रज़ांस्की डिवीजन ने 20 अक्टूबर 2026 को बताया कि उनके नए मोबाइल पेट्रोल कॉन्सेप्ट—थर्मल कैमरों और लाइसेंस-प्लेट रीडर्स से लैस घूमने वाली टीमों—ने स्विएको–फ्रैंकफर्ट (ओडर) मोटरवे क्रॉसिंग के पास दो विदेशी नागरिकों को पकड़ा जिनके पास वैध प्रवेश दस्तावेज नहीं थे। ये दोनों, जो सीरिया और इराक के नागरिक बताए गए हैं, स्लोवाक पंजीकृत ट्रक के ट्रेलर में छिपे हुए थे, जो बर्लिन जा रहा था। यह गिरफ्तारी ऑपरेशन ओड्रा शील्ड का हिस्सा है, जिसे जुलाई 2025 में पोलैंड ने जर्मनी और लिथुआनिया की सीमाओं पर शेंगेन आंतरिक जांचें फिर से शुरू करने के बाद शुरू किया था। तब से, मोबाइल पेट्रोल ने 2,30,000 से अधिक वाहनों की जांच की है और 418 अवैध प्रवासियों तथा 47 संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया है, सीमा सुरक्षा बल के आंकड़ों के अनुसार। अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल यूनिट्स ने उन द्वितीयक प्रवासन प्रवाहों को कम किया है जो मालवाहक ट्रैफिक का उपयोग करके स्थिर जांच बिंदुओं को चकमा देते थे। नवीनतम मामला तब शुरू हुआ जब एक स्वचालित प्लेट रीडर ने ट्रक को वजन असामान्यता के लिए चिन्हित किया; एक हृदय गति सेंसर ने फिर कार्गो होल्ड के अंदर मानव उपस्थिति की पुष्टि की। चालक को अभियोजकों द्वारा मिलीभगत के सबूत न मिलने पर रिहा कर दिया गया, लेकिन ट्रांसपोर्ट कंपनी को ट्रेलर की सुरक्षा न करने के लिए PLN 30,000 (€6,600) तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। मालवाहक ऑपरेटरों को याद दिलाया गया है कि EU निर्देश 2002/90 के तहत यदि उचित सावधानी नहीं बरती गई तो वे वाहकों के दंड के लिए जिम्मेदार होंगे। दोनों प्रवासियों ने जर्मनी में शरण के लिए आवेदन किया है और द्विपक्षीय पुनः प्रवेश प्रोटोकॉल के तहत सौंप दिए गए हैं। A2 कॉरिडोर पर समय-संवेदनशील माल चलाने वाली कंपनियों को मोबाइल पेट्रोल द्वारा यादृच्छिक जांचों की उम्मीद करनी चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि चालक लोड-सुरक्षा जांचों का प्रमाण साथ रखें।