
6 फरवरी को राज्यसभा में प्रस्तुत ताजा आंकड़ों के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच विश्वभर में 1,68,000 भारतीयों को देश निकाला गया, जिनमें से 72% निकासी केवल दो खाड़ी देशों—सऊदी अरब (1,20,314) और संयुक्त अरब अमीरात (21,310)—से हुई। अमेरिका ने 2025 में 3,801 भारतीयों को देश निकाला, जो 2024 के 2,137 से काफी बढ़ोतरी है, लेकिन फिर भी खाड़ी देशों की तुलना में कम है।
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि खाड़ी देशों से लौटने वाले अधिकांश लोग कम-कुशल श्रमिक थे, जिनके निवास परमिट महामारी के दौरान दी गई छूट खत्म होने के बाद समाप्त हो गए। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि नई दिल्ली ने वाशिंगटन में ICE चार्टर उड़ानों में महिलाओं और बच्चों पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर शिकायत दर्ज कराई है।
महत्व क्यों: बड़े पैमाने पर निकासी से खाड़ी देशों में निर्माण, तेल और गैस तथा आतिथ्य क्षेत्रों में अनुबंधित श्रम पर आधारित कॉर्पोरेट गतिशीलता कार्यक्रम प्रभावित होते हैं। नियोक्ताओं को अब सऊदी और यूएई की कड़ी आप्रवासन निगरानी, दस्तावेजों की सख्त जांच और संभावित पूर्व समाप्ति लागतों को ध्यान में रखते हुए असाइनमेंट पत्र तैयार करने होंगे। आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि तीसरे पक्ष के भर्तीकर्ताओं की जांच कितनी जरूरी है: सरकार के ई-माइग्रेट पोर्टल पर अब 3,505 गैर-पंजीकृत ट्रैवल एजेंट ब्लैकलिस्टेड हैं, और पंजाब व हरियाणा में मानव तस्करी के गिरोहों की जांच भी शुरू हो चुकी है।
गतिशीलता अनुपालन टीमों को खाड़ी देशों में तैनात कर्मचारियों के आईकामा नवीनीकरण समय पर कराने और अनधिकृत द्वितीयक रोजगार से बचने के लिए ऑडिट करना चाहिए, क्योंकि अधिकारियों ने इसे देश निकाले जाने का मुख्य कारण बताया है।
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि खाड़ी देशों से लौटने वाले अधिकांश लोग कम-कुशल श्रमिक थे, जिनके निवास परमिट महामारी के दौरान दी गई छूट खत्म होने के बाद समाप्त हो गए। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि नई दिल्ली ने वाशिंगटन में ICE चार्टर उड़ानों में महिलाओं और बच्चों पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर शिकायत दर्ज कराई है।
महत्व क्यों: बड़े पैमाने पर निकासी से खाड़ी देशों में निर्माण, तेल और गैस तथा आतिथ्य क्षेत्रों में अनुबंधित श्रम पर आधारित कॉर्पोरेट गतिशीलता कार्यक्रम प्रभावित होते हैं। नियोक्ताओं को अब सऊदी और यूएई की कड़ी आप्रवासन निगरानी, दस्तावेजों की सख्त जांच और संभावित पूर्व समाप्ति लागतों को ध्यान में रखते हुए असाइनमेंट पत्र तैयार करने होंगे। आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि तीसरे पक्ष के भर्तीकर्ताओं की जांच कितनी जरूरी है: सरकार के ई-माइग्रेट पोर्टल पर अब 3,505 गैर-पंजीकृत ट्रैवल एजेंट ब्लैकलिस्टेड हैं, और पंजाब व हरियाणा में मानव तस्करी के गिरोहों की जांच भी शुरू हो चुकी है।
गतिशीलता अनुपालन टीमों को खाड़ी देशों में तैनात कर्मचारियों के आईकामा नवीनीकरण समय पर कराने और अनधिकृत द्वितीयक रोजगार से बचने के लिए ऑडिट करना चाहिए, क्योंकि अधिकारियों ने इसे देश निकाले जाने का मुख्य कारण बताया है।
स्रोत: Business Standard