
पश्चिम एशिया के संघर्ष के बढ़ने के ताजा संकेत के रूप में, एयर इंडिया ने 5 अप्रैल को समाचार एजेंसी पीटीआई को पुष्टि की कि उसकी दिल्ली-तेल अवीव की चार बार साप्ताहिक उड़ान कम से कम 31 मई तक निलंबित रहेगी। यह मार्ग, जिसे 1 जनवरी को बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर के साथ फिर से शुरू किया गया था, फरवरी में संघर्ष तेज होने के बाद बार-बार बंद किया गया है। इजराइल में 40,000 से अधिक भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं, जिनमें से कई आईटी और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में हैं। सीधे सेवा न होने के कारण, यात्रियों को जॉर्डन या मिस्र के रास्ते ज़मीन द्वारा होकर आगे की उड़ान पकड़नी पड़ती है, जिससे यात्रा की लागत और व्यक्तिगत सुरक्षा जोखिम दोनों बढ़ जाते हैं। तेल अवीव में भारतीय दूतावास ने 24×7 आपातकालीन हेल्पलाइन शुरू की है और कर्मचारियों व छात्रों को सूचित रखने के लिए वर्चुअल टाउन-हॉल आयोजित कर रहा है। इजराइल में काम कर रहे कर्मचारियों वाले नियोक्ता निकासी योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं और आवश्यक कर्मियों को साइप्रस या ग्रीस स्थानांतरित करने की सलाह दे रहे हैं, जहां भारत के साथ हवाई संपर्क बना हुआ है। एयर इंडिया का कहना है कि वह तभी उड़ानें फिर से शुरू करेगी जब "सुरक्षित उड़ान मार्ग और बेहतर सुरक्षा स्थिति" उपलब्ध हों। इस निलंबन से पता चलता है कि लंबी दूरी के मार्ग कितनी तेजी से प्रभावित हो सकते हैं और यह मल्टी-हब यात्रा नीतियों के महत्व को रेखांकित करता है, जो कंपनियों को कम समय में वैकल्पिक मार्ग प्रदान करती हैं।
स्रोत: Rediff / PTI