
लीगल-टेक स्टार्टअप eazyPetition ने एक एआई-संचालित टूल लॉन्च किया है, जो दावा करता है कि यह H-1B, O-1 और रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड याचिकाएं आधे घंटे से भी कम समय में तैयार कर देता है। यह प्लेटफॉर्म अपलोड किए गए पासपोर्ट, रिज्यूमे और सहायक दस्तावेजों को स्कैन करता है, फिर USCIS फॉर्म्स को ऑटो-पॉपुलेट करता है और वकीलों के लिए पत्र तैयार करता है। भारतीय आवेदकों के लिए—जो H-1B की मांग का 70 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हैं—यह समय की बचत काफी महत्वपूर्ण है। इमिग्रेशन वकील आमतौर पर एक याचिका तैयार करने में तीन से पांच घंटे लगाते हैं; सामान्य डेटा एंट्री को स्वचालित करने से कानूनी फीस कम हो सकती है और सीमित H-1B रजिस्ट्रेशन विंडो के दौरान फाइलिंग तेज हो सकती है। सावधानियां: वकील जोर देते हैं कि एआई कानूनी निर्णय या USCIS के लगातार बदलते दिशानिर्देशों का विकल्प नहीं हो सकता। यह प्लेटफॉर्म उत्पादकता बढ़ाने वाला उपकरण है, जिसमें अंतिम समीक्षा और हस्ताक्षर वकीलों द्वारा किए जाते हैं। प्रारंभिक शैक्षणिक अध्ययन दिखाते हैं कि विशेष कानूनी एआई मॉडल जटिल “सबूत के अनुरोध” मामलों में अभी भी कमजोर हैं। मोबिलिटी टीमों के लिए सुझाव: अगले सीजन में बड़े पैमाने पर H-1B फाइलिंग की योजना बनाने वाली टेक कंपनियां लागत कम करने के लिए एआई ड्राफ्टिंग का परीक्षण कर सकती हैं, लेकिन कड़ी मानव निगरानी बनाए रखनी होगी। डेटा-प्राइवेसी आकलन जरूरी हैं क्योंकि वीजा दस्तावेज संवेदनशील व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट आईपी रखते हैं। दीर्घकालिक दृष्टिकोण: जैसे-जैसे जनरेटिव एआई का उपयोग बढ़ेगा, कनाडा के LMIA और ऑस्ट्रेलिया के 482 वीजा स्ट्रीम के लिए भी ऐसे टूल्स आने की उम्मीद है, जिससे इमिग्रेशन वर्कफ़्लो वित्तीय सेवाओं के ऑटोमेशन जैसा हो जाएगा।
स्रोत: Business Standard