
अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) ने 19 सितंबर को एक सार्वजनिक चेतावनी जारी की है, जिसमें विदेशी नागरिकों को ग्रीन कार्ड, वर्क परमिट या नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा की त्वरित मंजूरी का वादा करने वाले व्यक्तियों या वेबसाइटों को भुगतान करने से सावधान किया गया है। भारतीय वित्तीय दैनिक मनीकंट्रोल द्वारा भी इस सलाह को प्रमुखता से बताया गया है, जिसमें कहा गया है कि कोई भी निजी पक्ष सरकारी कनेक्शनों के जरिए प्रक्रिया समय को प्रभावित नहीं कर सकता। भारतीय आवेदक ऐसे धोखाधड़ी योजनाओं के मुख्य निशाने पर हैं। परिवार आधारित ग्रीन कार्ड, H-1B स्थिति परिवर्तन और रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज़ जैसी लोकप्रिय श्रेणियों के लिए परामर्श शुल्क महामारी के दौरान बढ़े हुए बैकलॉग के कारण काफी बढ़ गए हैं। धोखेबाज मुंबई और हैदराबाद में अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों में "प्रिमियम स्लॉट" देने का झांसा देते हैं या कैलिफोर्निया सेवा केंद्र तक अंदरूनी पहुंच का दावा करते हैं। USCIS आवेदकों को याद दिलाता है कि आधिकारिक फॉर्म मुफ्त हैं और वैध कानूनी सलाह केवल वकीलों या न्याय विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त प्रतिनिधियों द्वारा ही दी जा सकती है। एजेंसी पीड़ितों को अपनी ऑनलाइन टिप पोर्टल पर रिपोर्ट करने के लिए कहती है और बताती है कि धोखाधड़ी की जानकारी देने पर धोखेबाज को भुगतान करने से निकासी कार्यवाही से सुरक्षा नहीं मिलती। भारतीय कंपनियों के लिए यह चेतावनी अनुपालन का एक महत्वपूर्ण संकेत है। मोबिलिटी टीमों को तीसरे पक्ष के विक्रेताओं का ऑडिट करना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि कर्मचारी मान्यता प्राप्त आव्रजन सलाहकारों पर ही भरोसा करें। नियोक्ता जो अनजाने में गलत जानकारी के साथ तैयार की गई याचिकाओं को प्रायोजित करते हैं, उन्हें भारी जुर्माने और भविष्य की फाइलिंग से प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है। व्यावहारिक कदम: USCIS की सलाह कर्मचारियों में साझा करें, सेवा प्रदाता अनुबंधों की समीक्षा करें ताकि अनधिकृत उप-ठेकेदारी न हो और लिखित अनुबंध पत्रों पर जोर दें जिसमें सेवा की सीमा, शुल्क और धनवापसी नीतियां स्पष्ट हों।
स्रोत: Moneycontrol