
लंदन मेल की रिपोर्ट के अनुसार, नए अनुपालन नियम पिछले महीने लागू हुए, लेकिन 3 मई को औपचारिक रूप से सार्वजनिक किए गए। अब सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को, जिनके पास स्टूडेंट-रूट स्पॉन्सर लाइसेंस है, हर विदेशी छात्र के भर्ती में शामिल एजेंट का कानूनी नाम, पंजीकरण देश और व्यवसाय आईडी सीधे कॉन्फर्मेशन ऑफ एक्सेप्टेंस फॉर स्टडीज (CAS) में दर्ज करना अनिवार्य है। यह कदम माइग्रेशन एडवाइजरी कमेटी की मुख्य सिफारिश थी, जो धोखाधड़ी से जुड़े वीजा अस्वीकृतियों में वृद्धि के बाद आया है। एजेंट की जानकारी स्रोत पर ही दर्ज करके, होम ऑफिस एक “खराब एजेंट” सूची बनाना चाहता है, जिसे 2027 तक स्पॉन्सरों के साथ साझा किया जा सकता है और बार-बार नियम उल्लंघन करने वाले आवेदनों को अस्वीकार करने में इस्तेमाल किया जाएगा। जो संस्थान पूरी एजेंट जानकारी नहीं देंगे, उन्हें बी-रेटिंग में गिरा दिया जाएगा, जिससे नए CAS जारी करने पर रोक लग जाएगी या उनका लाइसेंस ही रद्द हो सकता है। मैनचेस्टर विश्वविद्यालय जैसे शुरुआती अपनाने वालों ने पहले ही एजेंट अनुबंधों को अपडेट कर व्यवसाय पंजीकरण का प्रमाण और अनिवार्य धोखाधड़ी विरोधी प्रशिक्षण शामिल किया है। जिन बहुराष्ट्रीय नियोक्ताओं को ग्रेजुएट रूट पर हाल के अंतरराष्ट्रीय स्नातकों को नियुक्त करना होता है, उनके लिए यह कड़ी कार्रवाई छोटे समूहों और ऑफर से नामांकन तक अधिक समय लेने वाली प्रक्रिया का कारण बन सकती है। 2027 में नए स्नातकों को स्पॉन्सर करने वाली कंपनियों को अब से ही लक्षित विश्वविद्यालयों से संपर्क कर भर्ती प्रक्रिया की सीमाओं को समझना चाहिए। संभावित छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने काउंसलर की ब्रिटिश काउंसिल के एजेंट प्रशिक्षण डेटाबेस में सूचीबद्धता की जांच करें और वीजा आवेदन जमा करने से पहले अपने CAS में एजेंट की जानकारी सुनिश्चित करें।
स्रोत: London Mail
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