
यूरोपीय संघ ने 22 जून को नई दिल्ली में एक प्रस्थान पूर्व ब्रीफिंग के दौरान दो पहलें पेश कीं, जो भारत और यूरोप के बीच शैक्षणिक संबंधों को और गहरा करेंगी। पहली पहल के तहत, 2026-2028 के लिए 75 भारतीय छात्रों ने पूरी तरह से वित्तपोषित एरास्मस मुण्डुस संयुक्त मास्टर्स डिग्री (EMJMD) छात्रवृत्ति प्राप्त की है, जिससे भारत यूरोपीय संघ के प्रमुख छात्र-मोबिलिटी कार्यक्रम के शीर्ष तीन वैश्विक लाभार्थियों में बना हुआ है। ये छात्रवृत्तियां ट्यूशन फीस, मासिक जीवन यापन भत्ता, अंतरराष्ट्रीय उड़ानें और स्वास्थ्य बीमा कवर करती हैं, जो अक्सर भारतीय प्रतिभाओं को विदेश में विशेष STEM और स्थिरता कार्यक्रमों का पीछा करने से रोकने वाली वित्तीय बाधाओं को दूर करती हैं। दूसरी पहल में ब्रुसेल्स ने EU-India Student Ambassadors Network की घोषणा की है, जिसमें 20 प्रमुख भारतीय विश्वविद्यालयों जैसे IIT मद्रास, IISc बेंगलुरु और JNU से चुने गए 40 छात्र प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो यूरोपीय अध्ययन विकल्पों, वीजा प्रक्रियाओं और कैंपस जीवन पर सहकर्मी सलाहकार के रूप में काम करेंगे। ये एम्बेसडर टियर-2 और टियर-3 शहरों में वेबिनार और यात्रा-तैयारी कार्यशालाएं आयोजित करेंगे, जिसका उद्देश्य भारत के पारंपरिक महानगरीय क्षेत्रों से बाहर भी आउटबाउंड-मोबिलिटी के अवसर फैलाना है। उच्च शिक्षा की छुट्टियों को प्रायोजित करने वाली भारतीय कंपनियों के लिए यह छात्रवृत्ति समूह AI, साइबर सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और फार्मा में यूरोपीय विशेषज्ञता तक तेज़ पहुँच प्रदान करता है। नियोक्ता यूरोप में ऑन-साइट प्रोजेक्ट मॉड्यूल का विकल्प रख सकते हैं और बाद में भारत के नए छह महीने के “रिसर्च रिटर्नी” इमिग्रेशन चैनल का लाभ उठा सकते हैं, जो सरकारी स्वीकृत फेलोशिप पूरी करने वाले विद्वानों को प्राथमिकता FRRO प्रोसेसिंग देता है। फ्रांस, जर्मनी, बेल्जियम और इटली के विश्वविद्यालय इस आने वाले समूह की मेजबानी करेंगे, जो यह दर्शाता है कि वीजा नियमों के कड़े होने के बावजूद भारतीय छात्रों की मांग बनी हुई है। EU प्रतिनिधिमंडल ने जोर दिया कि ब्लॉक के नए Talent Partnerships—जो भारत के साथ पायलट श्रम-मोबिलिटी समझौतों के तहत बातचीत में हैं—आखिरकार Erasmus+ के साथ जुड़ेंगे, जिससे जर्मनी के 18 महीने के जॉब सीकर वीजा जैसे पोस्ट-स्टडी निवास मार्ग बनेंगे। व्यावहारिक सलाह: भारतीय HR टीमें छात्रवृत्ति प्राप्तकर्ताओं के अध्ययन क्षेत्रों पर नजर रखें; इस साल EU के ब्लू-कार्ड वेतन सीमा में 17% की कमी आई है, जिससे स्नातक के बाद मध्य-स्तरीय इंजीनियरों को यूरोप भेजना आसान हो गया है। वहीं, छात्रों को ध्यान देना चाहिए कि कई शेंगेन देशों में वीजा लेने के समय आवास और चिकित्सा बीमा का प्रमाण अभी भी आवश्यक है, भले ही वे पूरी छात्रवृत्ति पर हों।
स्रोत: Indian Economic Observer
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