
अमेरिका में शरद ऋतु 2026 के लिए दाखिले की तैयारी कर रहे भारतीय छात्रों ने 18 मई को यह जानकर हैरानी जताई कि पिछली रात जारी किए गए नए F-1 वीजा इंटरव्यू अपॉइंटमेंट मिनटों में भर गए। भारत में अमेरिकी मिशन ने अपने पांच कार्यालयों—नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता—में छोटे-छोटे चरणों में तारीखें खोलना शुरू किया है, खासकर 2025 के अंत में सोशल मीडिया जांच नियमों के कड़ाई से लागू होने के बाद प्रोसेसिंग समय बढ़ गया है। लेकिन इस साल मांग अभूतपूर्व है: सलाहकारों का अनुमान है कि 3 लाख से अधिक भारतीय आवेदक लगभग 90,000 इंटरव्यू स्लॉट्स के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। नए कतार प्रबंधन प्रणाली के तहत, बार-बार पोर्टल रिफ्रेश करना या कांसुलेट बदलना 24 से 72 घंटे के लॉकआउट का कारण बनता है, जिससे कम तैयार उम्मीदवारों को अगस्त में विश्वविद्यालय रिपोर्टिंग तिथियों से पहले अपना एकमात्र मौका खोने का खतरा रहता है। करियर कोच प्रितेश जगानी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि कांसुलर अधिकारी “पहले पांच मिनट में” वीजा जारी करने का फैसला करते हैं, इसलिए तैयारी बेहद जरूरी है। आवेदकों को सलाह दी जा रही है कि वे DS-160 फॉर्म भर लें, SEVIS शुल्क जमा कर लें, और पासपोर्ट, I-20 और वित्तीय दस्तावेज़ स्कैन करके तैयार रखें, ताकि मिशन के टेलीग्राम अलर्ट के साथ तुरंत आवेदन कर सकें। विश्वविद्यालय भी चिंतित हैं। कई अमेरिकी संस्थानों—जैसे एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी और स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क नेटवर्क—ने भारतीय छात्रों को सबसे जल्दी उपलब्ध स्लॉट बुक करने के लिए कहा है, भले ही वह ओरिएंटेशन के बाद हो, और विभागों को अपडेट रखने को कहा है ताकि देर से आने वालों को SEVIS में अनुमति दी जा सके। एयरलाइंस को उम्मीद है कि वीजा जारी होने के बाद आखिरी मिनट में टिकट खरीद में तेजी आएगी, जिससे पहले से महंगे भारत-अमेरिका गर्मियों के मार्गों पर और दबाव बढ़ेगा। एजुकेशन-टेक्नोलॉजी कंपनियों और रिलोकेशन मैनेजर्स के लिए यह एक व्यावसायिक अवसर है: LeverageEdu और Y-Axis जैसी कंपनियों ने “प्रीमियम कंसीयर्ज” सेवाओं में 30% की वृद्धि दर्ज की है, जिनमें रियल-टाइम स्लॉट मॉनिटरिंग, दस्तावेज़ जांच और मॉक इंटरव्यू शामिल हैं। फिर भी विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि घबराहट में धोखाधड़ी बढ़ रही है—व्हाट्सएप ग्रुप्स पर नकली एजेंट ₹50,000 से अधिक में “गारंटीड” तारीखें देने का झांसा दे रहे हैं। छात्रों को याद दिलाया जा रहा है कि केवल आधिकारिक शेड्यूलिंग साइट US Travel Docs पोर्टल है और भुगतान रसीदें ट्रांसफर नहीं की जा सकतीं। मध्यम अवधि में, यह संकट क्षमता विस्तार की जरूरत को रेखांकित करता है। अमेरिकी दूतावास ने अतिरिक्त मौसमी स्टाफ नियुक्त किया है और पिछले साल के रिकॉर्ड 1,40,000 भारतीय छात्र वीजा जारी करने का वादा किया है, लेकिन 2030 तक 5 लाख तक जाने वाले आउटबाउंड नंबरों को देखते हुए, उद्योग संगठन वाशिंगटन से रिमोट इंटरव्यू या कम जोखिम वाले दोहराए यात्रियों के लिए इंटरव्यू छूट की मांग कर रहे हैं। तब तक, धैर्य और पूरी तैयारी भारत के अंतरराष्ट्रीय छात्र aspirants के लिए सबसे बेहतर रणनीति बनी रहेगी।
स्रोत: The Times of India
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