
एयर कनाडा ने पुष्टि की है कि वह 2026 में मॉन्ट्रियल–ट्रूडो (YUL) से तेल अवीव और दिल्ली के लिए अपनी ग्रीष्मकालीन उड़ानें बंद कर देगा और अपनी क्षमता टोरंटो पियर्सन मेगा-हब पर केंद्रित करेगा। एयरलाइन का कहना है कि इस फैसले से बड़े विमान ट्रांस-अटलांटिक और एशिया-प्रशांत बाजारों के लिए उपलब्ध होंगे, साथ ही यात्रियों को टोरंटो के माध्यम से “बिना रुकावट एक-स्टॉप कनेक्टिविटी” मिलेगी।
यह कदम एयर कनाडा की महामारी के बाद की नेटवर्क रणनीति को दर्शाता है: लंबी दूरी की उड़ानों को YYZ पर केंद्रित करना, जहां स्लॉट उपलब्धता, गठबंधन साझेदार और प्रीमियम लाउंज उच्च बिजनेस क्लास मांग को पूरा करते हैं। क्यूबेक के यात्री अब भी इज़राइल और भारत पहुंच सकेंगे, लेकिन केवल टोरंटो के कनेक्शन के जरिए, जिससे यात्रा का समय दो से चार घंटे बढ़ जाएगा।
ट्रैवल-मैनेजमेंट कंपनियां अगले गर्मियों में मॉन्ट्रियल में हवाई किराए में उतार-चढ़ाव की उम्मीद कर रही हैं। प्रतिस्पर्धी एयरलाइंस—लुफ्थांसा ग्रुप, एयर फ्रांस-KLM और कतर एयरवेज—अपनी कीमतें समायोजित कर विस्थापित यातायात को आकर्षित कर सकते हैं। मध्य पूर्व और भारत की सप्लाई चेन वाली कंपनियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने कॉन्ट्रैक्ट किराए और न्यूनतम खर्च की शर्तों की समीक्षा अभी से कर लें।
एयर कनाडा इस साल के फ्लाइट अटेंडेंट हड़ताल और NAV कनाडा के स्टाफिंग से जुड़ी देरी के बाद भी लागत दबाव का सामना कर रहा है। लंबी दूरी की उड़ानों को पियर्सन पर केंद्रित करने से क्रू उपयोग और समय पर प्रदर्शन में सुधार हो सकता है, लेकिन मॉन्ट्रियल के पर्यटन बोर्ड ने चेतावनी दी है कि अगर यह रुझान जारी रहा तो शहर अपनी अंतरराष्ट्रीय गेटवे की स्थिति खो सकता है।
यह कदम एयर कनाडा की महामारी के बाद की नेटवर्क रणनीति को दर्शाता है: लंबी दूरी की उड़ानों को YYZ पर केंद्रित करना, जहां स्लॉट उपलब्धता, गठबंधन साझेदार और प्रीमियम लाउंज उच्च बिजनेस क्लास मांग को पूरा करते हैं। क्यूबेक के यात्री अब भी इज़राइल और भारत पहुंच सकेंगे, लेकिन केवल टोरंटो के कनेक्शन के जरिए, जिससे यात्रा का समय दो से चार घंटे बढ़ जाएगा।
ट्रैवल-मैनेजमेंट कंपनियां अगले गर्मियों में मॉन्ट्रियल में हवाई किराए में उतार-चढ़ाव की उम्मीद कर रही हैं। प्रतिस्पर्धी एयरलाइंस—लुफ्थांसा ग्रुप, एयर फ्रांस-KLM और कतर एयरवेज—अपनी कीमतें समायोजित कर विस्थापित यातायात को आकर्षित कर सकते हैं। मध्य पूर्व और भारत की सप्लाई चेन वाली कंपनियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने कॉन्ट्रैक्ट किराए और न्यूनतम खर्च की शर्तों की समीक्षा अभी से कर लें।
एयर कनाडा इस साल के फ्लाइट अटेंडेंट हड़ताल और NAV कनाडा के स्टाफिंग से जुड़ी देरी के बाद भी लागत दबाव का सामना कर रहा है। लंबी दूरी की उड़ानों को पियर्सन पर केंद्रित करने से क्रू उपयोग और समय पर प्रदर्शन में सुधार हो सकता है, लेकिन मॉन्ट्रियल के पर्यटन बोर्ड ने चेतावनी दी है कि अगर यह रुझान जारी रहा तो शहर अपनी अंतरराष्ट्रीय गेटवे की स्थिति खो सकता है।
स्रोत: Travel and Tour World